See Notes of Atomic Structure in hindi

Atomic Structure is the second chapter of NCERT text book Class 11

परमाणु – तत्व के सूक्ष्मतम कण को परमाणु कहते है। ये कण रासायनिक अभिक्रियाओं में भाग लेते हैं । वैज्ञानिक जॉन डाल्टन ने सन 1804 में बताया कि परमाणु अविभाज्य है परन्तु सन 1897 में J. J. Thompson ने इलेक्ट्रॉन की खोज की ,सन 1919 में रदरफोर्ड ने प्रोटोन की खोज की , सन 1932 में चैडविक ने न्यूट्रॉन की खोज की और यह बताया कि सभी परमाणु इन कणों से बने होते हैं अतः परमाणु विभाज्य है । परमाणु सूक्ष्म कण है जो इलेक्ट्रॉन प्रोटोन तथा न्यूट्रॉन से बना होता है जिसके केंद्र में नाभिक होता है । परमाणु में इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारो और चक्कर लगाते रहते हैं , प्रोटोन तथा न्यूट्रॉन नाभिक के अंदर रहते हैं ।

परमाणु क्रमांक – तत्व के परमाणु में उपस्थित प्रोटॉनों की संख्या को उस तत्व का परमाणु क्रमांक कहते हैं , इसे z से प्रदर्शित करते हैं ।
द्रव्यमान संख्या – तत्व के परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों तथा न्यूट्रॉनों की संख्या के योग को उस तत्व कि द्रव्यमान संख्या कहते हैं ।
परमाणु मॉडल
1 – थॉमसन का परमाणु मॉडल
2 – रदरफोर्ड का परमाणु मॉडल
3 – बोर का परमाणु मॉडल
4 – आधुनिक परमाणु मॉडल

दी ब्रोग्ली समीकरण – फ्रांसीसी वैज्ञानिक लुई दी ब्रोग्ली ने सन १९२४ में यह सुझाव दिया कि पदार्थ की प्रकृति द्विक होती है अर्थात इसमें कण प्रकृति तथा तरंग की भांति प्रकृति दोनों होती है , इसके लिए उन्होंने एक समीकरण दिया जिसकी सहायता से सूक्ष्म कण का तरंगदैर्ध्य भी निकाल सकते हैं ।
दी ब्रोग्ली समीकरण की व्युत्पत्ति
E = hv प्लैंक के अनुसार
E = mc2 आइंस्टीन के अनुसार
अतः hv = mc2

h (c/λ) = mc2 ( since v=c/λ)

λ = h/mc

λ=h/mv

λ=h/p

हाइज़ेनबर्ग का अनिश्चितता का सिद्धान्त – जर्मन वैज्ञानिक हाइज़ेनबर्ग के अनुसार ” किसी अत्यंत सूक्ष्म गतिशील कण की स्थिति एवं उसके वेग का एक साथ यथार्थ निर्धारण असंभव है ” ।
इस नियम का गणितीय निरूपण निम्न है –

Δx.Δv ≥ h/4π m

Δx.Δp ≥ h/4π

Δx स्थिति में अनिश्चितता
Δv वेग में अनिश्चितता
Δp संवेग में अनिश्चितता
m कण का द्रव्यमान, h प्लैंक नियतांक

ऑर्बिटल – नाभिक के चारो और का वह त्रिविमीय क्षेत्र जहाँ इलेक्ट्रान के पाए जाने की संभावना सबसे अधिक होती है उसे ऑर्बिटल कहते हैं ।एक ऑर्बिटल में विपरीत चक्रण के अधिकतम २ इलेक्ट्रान रह सकते हैं । ऑर्बिटल में इलेक्ट्रॉन घनत्व का वितरण उसकी आकृति को निर्धारित करता है । आकृति के आधार पर इलेक्ट्रान चार प्रकार के होते हैं ।
s ऑर्बिटल – इसकी आकृति गोलाकार होती है तथा इसमें गोलीय सममिति होती है ।


p ऑर्बिटल – इसकी आकृति डमरू के आकार की होती है , तथा अक्षों पर स्थिति के अनुसार ये तीन प्रकार के होते हैं ।


d ऑर्बिटल – इसकी आकृति डबल डमरू के आकर की होती है , तथा अक्षों पर स्थिति के अनुसार ये पांच प्रकार के होते हैं ।


f ऑर्बिटल – इसकी आकृति जटिल होती है । अक्षों पर स्थिति के अनुसार ये सात प्रकार के होते हैं ।

क्वांटम संख्याएं क्या होती हैं ? (<— इस लिंक पर क्लिक करें)

पॉली का अपवर्जन नियम – सन १९२५ में वैज्ञानिक पॉली द्वारा प्रस्तुत इस नियम के अनुसार ” एक परमाणु में किन्ही दो इलेक्ट्रानों की चारो क़्वांटम संख्याओं के मान समान नहीं हो सकते ” ।
इस नियम के निम्न अनुप्रयोग हैं –
1- इससे यह जान सकते हैं कि किसी कोश में अधिकतम कितने इलेक्ट्रान हो सकते हैं , यदि n कोश की संख्या है तो अधिकतम इलेक्ट्रान होंगे = 2n2
2 – उपकोश में अधिकतम इलेक्ट्रान होंगे, s में 2, p में 6 , d में 10 f में 14
3 – एक ऑर्बिटल में अधिकतम इलेक्ट्रान होंगें = 2

हुण्ड का नियम ( हुण्ड का अधिकतम बहुलता का नियम )-
वैज्ञानिक हुण्ड द्वारा प्रस्तुत इस नियम के अनुसार ” किसी उपकोश के ऑर्बिटलों में इलेक्ट्रॉनों का युग्मन तब तक नहीं होता जब तक उस उपकोश के प्रत्येक ऑर्बिटल में एक एक इलेक्ट्रान न भर जाय ” ।
अर्थात किसी उपकोश में इलेक्ट्रानों का वितरण इस प्रकार होता हैं कि अधिकतम अयुग्मित इलेक्ट्रान रह सकें ।

ऑफबाउ नियम – ऑफबाउ एक जर्मन भाषा का शब्द है जिसका अर्थ होता है रचना करना या बनाना । यह नियम इलेक्ट्रॉनिक विन्यास बनाने से सम्बंधित नियम है । इस नियम के अनुसार ” किसी तत्व का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास बनाने के लिए उसके परमाणु की आद्य अवस्था में इलेक्ट्रॉन उसके ऑर्बिटलों को बढ़ती हुयी ऊर्जा के क्रम में रखकर भरते हैं”। विभिन्न ऑर्बिटल ऊर्जा के बढ़ते हुए क्रम में निम्न प्रकार से हैं –

1s, 2s, 2p, 3s, 3p, 4s, 3d, 4p, 5s, 4d, 5p, 6s, 4f, 5d, 6p, 7s 5f, 6d, 7p

examples

  • B (Z=5) 1s2, 2s2, 2p1
  • C (Z=6) 1s2 ,2s2,2p2
  • N (Z=7) 1s2,2s2, 2p3
  • O (Z=8) 1s2, 2s2 , 2p4
  • F (Z=9) 1s2 ,2s2, 2p5
  • Ne(Z=10) 1s2 ,2s2 ,2p6
  • Na(Z=11) 1s2 ,2s2,2p6 ,3s1
तत्वों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास
परमाणु क्रमांक तत्वइलेक्ट्रॉनिक विन्यास
1Hydrogen1s1
2Helium1s2
3Lithium[He]2s1
4Beryllium[He]2s2
5Boron[He]2s22p1
6Carbon[He]2s22p2
7Nitrogen[He]2s22p3
8Oxygen[He]2s22p4
9Fluorine[He]2s22p5
10Neon[He]2s22p6
11Sodium[Ne]3s1
12Magnesium[Ne]3s2
13Aluminum[Ne]3s23p1
14Silicon[Ne]3s23p2
15Phosphorus[Ne]3s23p3
16Sulfur[Ne]3s23p4
17Chlorine[Ne]3s23p5
18Argon[Ne]3s23p6
19Potassium[Ar]4s1
20Calcium[Ar]4s2
21Scandium[Ar]3d14s2
22Titanium[Ar]3d24s2
23Vanadium[Ar]3d34s2
24Chromium[Ar]3d54s1
25Manganese[Ar]3d54s2
26Iron[Ar]3d64s2
27Cobalt[Ar]3d74s2
28Nickel[Ar]3d84s2
29Copper[Ar]3d104s1
30Zinc[Ar]3d104s2
31Gallium[Ar]3d104s24p1
32Germanium[Ar]3d104s24p2
33Arsenic[Ar]3d104s24p3
34Selenium[Ar]3d104s24p4
35Bromine[Ar]3d104s24p5
36Krypton[Ar]3d104s24p6
37Rubidium[Kr]5s1
38Strontium[Kr]5s2
39Yttrium[Kr]4d15s2
40Zirconium[Kr]4d25s2
41Niobium[Kr]4d45s1
42Molybdenum[Kr]4d55s1
43Technetium[Kr]4d55s2
44Ruthenium[Kr]4d75s1
45Rhodium[Kr]4d85s1
46Palladium[Kr]4d10,5s0
47Silver[Kr]4d105s1
48Cadmium[Kr]4d105s2
49Indium[Kr]4d105s25p1
50Tin[Kr]4d105s25p2
51Antimony[Kr]4d105s25p3
52Tellurium[Kr]4d105s25p4
53Iodine[Kr]4d105s25p5
54Xenon[Kr]4d105s25p6
55Cesium[Xe]6s1
56Barium[Xe]6s2
57Lanthanum[Xe]5d16s2
58Cerium[Xe]4f15d16s2
59Praseodymium[Xe]4f36s2
60Neodymium[Xe]4f46s2
61Promethium[Xe]4f56s2
62Samarium[Xe]4f66s2
63Europium[Xe]4f76s2
64Gadolinium[Xe]4f75d16s2
65Terbium[Xe]4f96s2
66Dysprosium[Xe]4f106s2
67Holmium[Xe]4f116s2
68Erbium[Xe]4f126s2
69Thulium[Xe]4f136s2
70Ytterbium[Xe]4f146s2
71Lutetium[Xe]4f145d16s2
72Hafnium[Xe]4f145d26s2
73Tantalum[Xe]4f145d36s2
74Tungsten[Xe]4f145d46s2
75Rhenium[Xe]4f145d56s2
76Osmium[Xe]4f145d66s2
77Iridium[Xe]4f145d76s2
78Platinum[Xe]4f145d96s1
79Gold[Xe]4f145d106s1
80Mercury[Xe]4f145d106s2
81Thallium[Xe]4f145d106s26p1
82Lead[Xe]4f145d106s26p2
83Bismuth[Xe]4f145d106s26p3
84Polonium[Xe]4f145d106s26p4
85Astatine[Xe]4f145d106s26p5
86Radon[Xe]4f145d106s26p6
87Francium[Rn]7s1
88Radium[Rn]7s2
89Actinium[Rn]6d17s2
90Thorium[Rn]6d27s2
91Protactinium[Rn]5f26d17s2
92Uranium[Rn]5f36d17s2
93Neptunium[Rn]5f46d17s2
94Plutonium[Rn]5f67s2
95Americium[Rn]5f77s2
96Curium[Rn]5f76d17s2
97Berkelium[Rn]5f97s2
98Californium[Rn]5f107s2
99Einsteinium[Rn]5f117s2
100Fermium[Rn]5f127s2
101Mendelevium[Rn]5f137s2
102Nobelium[Rn]5f147s2
103Lawrencium[Rn]5f147s27p1
104Rutherfordium[Rn]5f146d27s2
105Dubnium*[Rn]5f146d37s2
106Seaborgium*[Rn]5f146d47s2
107Bohrium*[Rn]5f146d57s2
108Hassium*[Rn]5f146d67s2
109Meitnerium*[Rn]5f146d77s2
110Darmstadtium*[Rn]5f146d97s1
111Roentgenium*[Rn]5f146d107s1
112Copernium*[Rn]5f146d107s2
113Nihonium*[Rn]5f146d107s27p1
114Flerovium*[Rn]5f146d107s27p2
115Moscovium*[Rn]5f146d107s27p3
116Livermorium*[Rn]5f146d107s27p4
117Tennessine*[Rn]5f146d107s27p5
118Oganesson*[Rn]5f146d107s27p6
Electronic Configuration of Elements